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अमसाल 24:3
किताब-ए मुक़द्दस
DGV
हिकमत घर को तामीर करती, समझ उसे मज़बूत बुनियाद पर खड़ा कर देती
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अमसाल 24:17
अगर तेरा दुश्मन गिर जाए तो ख़ुश न हो, अगर वह ठोकर खाए तो तेरा दिल जशन न मनाए।
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अमसाल 24:33-34
अगर तू कहे, “मुझे थोड़ी देर सोने दे, थोड़ी देर ऊँघने दे, थोड़ी देर हाथ पर हाथ धरे बैठने दे ताकि मैं आराम कर सकूँ” तो ख़बरदार, जल्द ही ग़ुरबत राहज़न की तरह तुझ पर आएगी, मुफ़लिसी हथियार से लेस डाकू की तरह तुझ पर आ पड़ेगी।
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