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अमसाल 13:20
किताब-ए मुक़द्दस
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जो दानिशमंदों के साथ चले वह ख़ुद दानिशमंद हो जाएगा, लेकिन जो अहमक़ों के साथ चले उसे नुक़सान पहुँचेगा।
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अमसाल 13:3
जो अपनी ज़बान क़ाबू में रखे वह अपनी ज़िंदगी महफ़ूज़ रखता है, जो अपनी ज़बान को बेलगाम छोड़ दे वह तबाह हो जाएगा।
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अमसाल 13:24
जो अपने बेटे को तंबीह नहीं करता वह उससे नफ़रत करता है। जो उससे मुहब्बत रखे वह वक़्त पर उस की तरबियत करता है।
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अमसाल 13:12
जो उम्मीद वक़्त पर पूरी न हो जाए वह दिल को बीमार कर देती है, लेकिन जो आरज़ू पूरी हो जाए वह ज़िंदगी का दरख़्त है।
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अमसाल 13:6
रास्ती बेइलज़ाम की हिफ़ाज़त करती जबकि बेदीनी गुनाहगार को तबाह कर देती है।
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अमसाल 13:11
जल्दबाज़ी से हासिलशुदा दौलत जल्द ही ख़त्म हो जाती है जबकि जो रफ़्ता रफ़्ता अपना माल जमा करे वह उसे बढ़ाता रहेगा।
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अमसाल 13:10
मग़रूरों में हमेशा झगड़ा होता है जबकि दानिशमंद सलाह-मशवरे के मुताबिक़ ही चलते हैं।
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अमसाल 13:22
नेक आदमी के बेटे और पोते उस की मीरास पाएँगे, लेकिन गुनाहगार की दौलत रास्तबाज़ के लिए महफ़ूज़ रखी जाएगी।
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अमसाल 13:1
दानिशमंद बेटा अपने बाप की तरबियत क़बूल करता है, लेकिन तानाज़न परवा ही नहीं करता अगर कोई उसे डाँटे।
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अमसाल 13:18
जो तरबियत की परवा न करे उसे ग़ुरबत और शरमिंदगी हासिल होगी, लेकिन जो दूसरे की नसीहत मान जाए उसका एहतराम किया जाएगा।
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