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मत्ती 26:41
किताब-ए मुक़द्दस
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जागते और दुआ करते रहो ताकि आज़माइश में न पड़ो। क्योंकि रूह तो तैयार है लेकिन जिस्म कमज़ोर।”
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मत्ती 26:38
उसने उनसे कहा, “मैं दुख से इतना दबा हुआ हूँ कि मरने को हूँ। यहाँ ठहरकर मेरे साथ जागते रहो।”
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मत्ती 26:39
कुछ आगे जाकर वह औंधे मुँह ज़मीन पर गिरकर यों दुआ करने लगा, “ऐ मेरे बाप, अगर मुमकिन हो तो दुख का यह प्याला मुझसे हट जाए। लेकिन मेरी नहीं बल्कि तेरी मरज़ी पूरी हो।”
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मत्ती 26:28
यह मेरा ख़ून है, नए अहद का वह ख़ून जो बहुतों के लिए बहाया जाता है ताकि उनके गुनाहों को मुआफ़ कर दिया जाए।
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मत्ती 26:26
खाने के दौरान ईसा ने रोटी लेकर शुक्रगुज़ारी की दुआ की और उसे टुकड़े करके शागिर्दों को दे दिया। उसने कहा, “यह लो और खाओ। यह मेरा बदन है।”
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मत्ती 26:27
फिर उसने मै का प्याला लेकर शुक्रगुज़ारी की दुआ की और उसे उन्हें देकर कहा, “तुम सब इसमें से पियो।
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मत्ती 26:40
वह अपने शागिर्दों के पास वापस आया तो देखा कि वह सो रहे हैं। उसने पतरस से पूछा, “क्या तुम लोग एक घंटा भी मेरे साथ नहीं जाग सके?
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मत्ती 26:29
मैं तुमको सच बताता हूँ कि अब से मैं अंगूर का यह रस नहीं पियूँगा, क्योंकि अगली दफ़ा इसे तुम्हारे साथ अपने बाप की बादशाही में ही पियूँगा।”
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मत्ती 26:75
फिर पतरस को वह बात याद आई जो ईसा ने कही थी, “मुरग़ के बाँग देने से पहले पहले तू तीन बार मुझे जानने से इनकार कर चुका होगा।” इस पर वह बाहर निकला और टूटे दिल से ख़ूब रोया।
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मत्ती 26:46
उठो! आओ, चलें। देखो, मुझे दुश्मन के हवाले करनेवाला क़रीब आ चुका है।”
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मत्ती 26:52
लेकिन ईसा ने कहा, “अपनी तलवार को मियान में रख, क्योंकि जो भी तलवार चलाता है उसे तलवार से मारा जाएगा।
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