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नोहा 3:22-23
किताब-ए मुक़द्दस
DGV
रब की मेहरबानी है कि हम नेस्तो-नाबूद नहीं हुए। क्योंकि उस की शफ़क़त कभी ख़त्म नहीं होती बल्कि हर सुबह अज़ सरे-नौ हम पर चमक उठती है। ऐ मेरे आक़ा, तेरी वफ़ादारी अज़ीम है।
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नोहा 3:24
मेरी जान कहती है, “रब मेरा मौरूसी हिस्सा है, इसलिए मैं उसके इंतज़ार में रहूँगी।”
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नोहा 3:25
क्योंकि रब उन पर मेहरबान है जो उस पर उम्मीद रखकर उसके तालिब रहते हैं।
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नोहा 3:40
आओ, हम अपने चाल-चलन का जायज़ा लें, उसे अच्छी तरह जाँचकर रब के पास वापस आएँ।
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नोहा 3:57
जब मैंने तुझे पुकारा तो तूने क़रीब आकर फ़रमाया, “ख़ौफ़ न खा।”
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