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अय्यूब 33:14
किताब-ए मुक़द्दस
DGV
शायद इनसान को अल्लाह नज़र न आए, लेकिन वह ज़रूर कभी इस तरीक़े, कभी उस तरीक़े से उससे हमकलाम होता है।
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अय्यूब 33:15-18
कभी वह ख़ाब या रात की रोया में उससे बात करता है। जब लोग बिस्तर पर लेटकर गहरी नींद सो जाते हैं तो अल्लाह उनके कान खोलकर अपनी नसीहतों से उन्हें दहशतज़दा कर देता है। यों वह इनसान को ग़लत काम करने और मग़रूर होने से बाज़ रखकर उस की जान गढ़े में उतरने और दरियाए-मौत को उबूर करने से रोक देता है।
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