जहाँ तक तेरा ताल्लुक़ है, ऐ याक़ूब मेरे ख़ादिम, ख़ौफ़ मत खा! ऐ इसराईल, हौसला मत हार! देख, मैं तुझे दूर-दराज़ मुल्क से छुटकारा दूँगा। तेरी औलाद को मैं उस मुल्क से नजात दूँगा जहाँ उसे जिलावतन किया गया है। फिर याक़ूब वापस आकर आरामो-सुकून की ज़िंदगी गुज़ारेगा। कोई नहीं होगा जो उसे हैबतज़दा करे।”