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यरमियाह 32:27
किताब-ए मुक़द्दस
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“देख, मैं रब और तमाम इनसानों का ख़ुदा हूँ। तो फिर क्या कोई काम है जो मुझसे नहीं हो सकता?”
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यरमियाह 32:17
‘ऐ रब क़ादिरे-मुतलक़, तूने अपना हाथ बढ़ाकर बड़ी क़ुदरत से आसमानो-ज़मीन को बनाया, तेरे लिए कोई भी काम नामुमकिन नहीं।
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यरमियाह 32:39-40
मैं होने दूँगा कि वह सोच और चाल-चलन में एक होकर हर वक़्त मेरा ख़ौफ़ मानेंगे। क्योंकि उन्हें मालूम होगा कि ऐसा करने से हमें और हमारी औलाद को बरकत मिलेगी। मैं उनके साथ अबदी अहद बाँधकर वादा करूँगा कि उन पर शफ़क़त करने से बाज़ नहीं आऊँगा। साथ साथ मैं अपना ख़ौफ़ उनके दिलों में डाल दूँगा ताकि वह मुझसे दूर न हो जाएँ।
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यरमियाह 32:38
तब वह मेरी क़ौम होंगे, और मैं उनका ख़ुदा हूँगा।
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