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यरमियाह 29:11
किताब-ए मुक़द्दस
DGV
क्योंकि रब फ़रमाता है, ‘मैं उन मनसूबों से ख़ूब वाक़िफ़ हूँ जो मैंने तुम्हारे लिए बाँधे हैं। यह मनसूबे तुम्हें नुक़सान नहीं पहुँचाएँगे बल्कि तुम्हारी सलामती का बाइस होंगे, तुम्हें उम्मीद दिलाकर एक अच्छा मुस्तक़बिल फ़राहम करेंगे।
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यरमियाह 29:13
तुम मुझे तलाश करके पा लोगे। क्योंकि अगर तुम पूरे दिल से मुझे ढूँडो
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यरमियाह 29:12
उस वक़्त तुम मुझे पुकारोगे, तुम आकर मुझसे दुआ करोगे तो मैं तुम्हारी सुनूँगा।
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यरमियाह 29:14
तो मैं होने दूँगा कि तुम मुझे पाओ।’ यह रब का फ़रमान है। ‘फिर मैं तुम्हें बहाल करके उन तमाम क़ौमों और मक़ामों से जमा करूँगा जहाँ मैंने तुम्हें मुंतशिर कर दिया था। और मैं तुम्हें उस मुल्क में वापस लाऊँगा जिससे मैंने तुम्हें निकालकर जिलावतन कर दिया था।’ यह रब का फ़रमान है।
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यरमियाह 29:10
क्योंकि रब फ़रमाता है, ‘तुम्हें बाबल में रहते हुए कुल 70 साल गुज़र जाएंगे। लेकिन इसके बाद मैं तुम्हारी तरफ़ रुजू करूँगा, मैं अपना पुरफ़ज़ल वादा पूरा करके तुम्हें वापस लाऊँगा।’
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