क्या देवदार की शानदार इमारतें बनवाने से यह साबित होता है कि तू बादशाह है? हरगिज़ नहीं! तेरे बाप को भी खाने-पीने की हर चीज़ मुयस्सर थी, लेकिन उसने इसका ख़याल किया कि इनसाफ़ और रास्ती क़ायम रहे। नतीजे में उसे बरकत मिली। उसने तवज्जुह दी कि ग़रीबों और ज़रूरतमंदों का हक़ मारा न जाए, इसी लिए उसे कामयाबी हासिल हुई।” रब फ़रमाता है, “जो इसी तरह ज़िंदगी गुज़ारे वही मुझे सहीह तौर पर जानता है।