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क़ुज़ात 2:10
किताब-ए मुक़द्दस
DGV
जब हमअसर इसराईली सब मरकर अपने बापदादा से जा मिले तो नई नसल उभर आई जो न तो रब को जानती, न उन कामों से वाक़िफ़ थी जो रब ने इसराईल के लिए किए थे।
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क़ुज़ात 2:18
लेकिन जब भी वह दुश्मन के ज़ुल्म और दबाव तले कराहने लगते तो रब को उन पर तरस आ जाता, और वह किसी क़ाज़ी को बरपा करता और उस की मदद करके उन्हें बचाता। जितने अरसे तक क़ाज़ी ज़िंदा रहता उतनी देर तक इसराईली दुश्मनों के हाथ से महफ़ूज़ रहते।
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