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हिज़क़ियेल 23:49
किताब-ए मुक़द्दस
DGV
तुम्हें ज़िनाकारी और बुतपरस्ती की मुनासिब सज़ा मिलेगी। तब तुम जान लोगी कि मैं रब क़ादिरे-मुतलक़ हूँ।”
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हिज़क़ियेल 23:35
रब क़ादिरे-मुतलक़ फ़रमाता है, ‘तूने मुझे भूलकर अपना मुँह मुझसे फेर लिया है। अब तुझे अपनी फ़ह्हाशी और ज़िनाकारी का नतीजा भुगतना पड़ेगा’।”
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