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हिज़क़ियेल 12:28
किताब-ए मुक़द्दस
DGV
लेकिन उन्हें जवाब दे, ‘रब क़ादिरे-मुतलक़ फ़रमाता है कि जो कुछ भी मैं फ़रमाता हूँ उसमें मज़ीद देर नहीं होगी बल्कि वह जल्द ही पूरा होगा।’ यह रब क़ादिरे-मुतलक़ का फ़रमान है।”
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हिज़क़ियेल 12:25
क्योंकि मैं रब हूँ। जो कुछ मैं फ़रमाता हूँ वह वुजूद में आता है। ऐ सरकश क़ौम, देर नहीं होगी बल्कि तुम्हारे ही ऐयाम में मैं बात भी करूँगा और उसे पूरा भी करूँगा।’ यह रब क़ादिरे-मुतलक़ का फ़रमान है।”
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हिज़क़ियेल 12:2
“ऐ आदमज़ाद, तू एक सरकश क़ौम के दरमियान रहता है। गो उनकी आँखें हैं तो भी कुछ नहीं देखते, गो उनके कान हैं तो भी कुछ नहीं सुनते। क्योंकि यह क़ौम हटधर्म है।
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