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1 तीमुथियुस 5:8
किताब-ए मुक़द्दस
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क्योंकि अगर कोई अपनों और ख़ासकर अपने घरवालों की फ़िकर न करे तो उसने अपने ईमान का इनकार कर दिया। ऐसा शख़्स ग़ैरईमानदारों से बदतर है।
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1 तीमुथियुस 5:1
बुज़ुर्ग भाइयों को सख़्ती से न डाँटना बल्कि उन्हें यों समझाना जिस तरह कि वह आपके बाप हों। इसी तरह जवान आदमियों को यों समझाना जैसे वह आपके भाई हों
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1 तीमुथियुस 5:17
जो बुज़ुर्ग जमात को अच्छी तरह सँभालते हैं उन्हें दुगनी इज़्ज़त के लायक़ समझा जाए। मैं ख़ासकर उनकी बात कर रहा हूँ जो पाक कलाम सुनाने और तालीम देने में मेहनत-मशक़्क़त करते हैं।
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1 तीमुथियुस 5:22
जल्दी से किसी पर हाथ रखकर उसे किसी ख़िदमत के लिए मख़सूस मत करना, न दूसरों के गुनाहों में शरीक होना। अपने आपको पाक रखें।
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