आख़िर में एक और बात, आप सब एक ही सोच रखें और एक दूसरे से ताल्लुक़ात में हमदर्दी, प्यार, रहम और हलीमी का इज़हार करें। किसी के ग़लत काम के जवाब में ग़लत काम मत करना, न किसी की गालियों के जवाब में गाली देना। इसके बजाए जवाब में ऐसे शख़्स को बरकत दें, क्योंकि अल्लाह ने आपको भी इसलिए बुलाया है कि आप उस की बरकत विरासत में पाएँ।