आख़िरकार जब नौकर सातवीं दफ़ा गया तो उसने वापस आकर इत्तला दी, “एक छोटा-सा बादल समुंदर में से निकलकर ऊपर चढ़ रहा है। वह आदमी के हाथ के बराबर है।”
तब इलियास ने हुक्म दिया, “जाओ, अख़ियब को इत्तला दो, ‘घोड़ों को फ़ौरन रथ में जोतकर घर चले जाएँ, वरना बारिश आपको रोक लेगी’।”