निआँ लकान बियाड़ी जोम तयोम हुनी अंगुर रस रअः कटोरा इदी केते कंहड़ी लःअय, “नोःआँ अंगुर रस ईङ आला मयोम हेके, आउर ईङ आला मयोम तरअः परमेसर ढेर होड़कु लोः नावाँ करार तोल केआय। अंगुर रस नु यापे दो, ईङ के उ-उईहार लःअय नुयपे।”
नोःआँ लकान जब-जब आपे नोःआँ लाःड जोमेआपे आउर नोःआँ अंगुर रस के नु यापे, दो परभु आला हिजोअ जगुत हुनी आला गोजोअः रेनअः परचारेआपे।