पण तमारे वेसमा एवू नीं थावू जुजे। पण तमय मा जी मुटो बणवा साहे, वी तमारे सेवक बणे। नी जी तमय मा हू पेलो बणवा साहे हे वणाय तमारे सेवक बणवू पड़हीं। तमय मय मनक ने सुरा जेवू बणवू जुजे जी सेवा करावणा नीं, पण पोते सेवा साकरी करवा नी कईक मनका ने तारण ने हारू मारे जीवन ने बलिदान करवा ने हारू आजो हूँ।”