जब इंसानी जाति पूरी दुनिया मैं फैल गई रहै, और उनकी लौड़िया भी जनम लेत रहैं, तौ कुछ परमेस्वर के लौड़ा, इंसान की लौड़ियन कै देखीं कि बे सुगड़ है। फिर प्रभु कही, “मेरी आत्मा इंसान के भीतर हमेसा के ताहीं बास ना करंगो; काहैकि इंसान एक मात्र सरीर है। अब से बे एक सौ बीस साल से जाधे जिंदगी ना जींगे।” बे दिनन मैं पृथ्वी मैं दानव रहैं, बे तहुँओं रहैं, जब परमेस्वर के लौड़ा इंसान की लौड़ियन के झोने गै तौ उनके जरिये जो बालका पैदा भै, बे पुराने जमाने के सक्तिसाली और सुप्रसिद्ध वीर रहैं।