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प्रकाशितवाक्य 20:15
ओङ राजपूत
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ते जाये काये नां “जीवन ची किताबे” मां लिखले आले कोनी मिड़ले, ओ जाखते ची झील मां नाखला गेला।
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प्रकाशितवाक्य 20:12
बल्ति मैं छोटे बङे सब मरला आला नु सिंहासन चे सामणे भिले आले ङेखले, ते किताबा खोड़लीया गेलीया, ते बल्ति हेक नेरी किताब खोड़ली गेली, यानि “जीवन ची किताब” ते जिंवे वां किताबा मां लिखले आले हुते, यूंही वांचे कामा चे अनुसार मरला आला चा न्यां करला गेला।
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प्रकाशितवाक्य 20:13-14
ते समुन्दरा ने वानु जको ओचे मां मरले हुते ङिले जती, ते मौत ने ते पताल ने वा मरला आला नु जको वांचे मां मरले हुते ङिले जती। ते वांचे महु हर-हेक चे कामा चे अनुसार वांचा न्यां करला गेला। ते मौत ते पताल वी जाखते ची झील मां नाखले गेले। हा जाखते ची झील ही ङुजी मौत छै।
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प्रकाशितवाक्य 20:11
बल्ति मैं हेक बङा चिट्टा सिंहासन ते ओचे उपर जको ब़ेहला हुता ङेखले, जाये सामणे कनु धरती ते आसमान नासती गेले, पर वांचा किठी पता तक कोनी लाग़ला।
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प्रकाशितवाक्य 20:7-8
ते जिसे बेले हजार साल पुरे हुती जाये। तां शैताना नु कैदी महु छोड़ती ङिले जई। ते ओ सारीया जातिया नु जको धरती चे चारो-तरफ रिही, जको गोग ते मागोग किहवावे, जाई गिणती समुन्दरा चे रेता आलीकर हुवी, याहनु भरमाती कर लड़ाई करने चे वास्ते भेले करी।
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