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निउतरह्या 17:27
देउखरिया थारु
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परमेश्वर असिके यहे कारण करलाँ ताकि ओइने परमेश्वरहे खोजिँत। सायद ओइने छामछुम करके हुँकिन्हे भेटैथाँ कि कना आशामे यी करगिलस। तभुन फेन ऊ हम्रिहिन्से दूर नै हुइताँ।
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निउतरह्या 17:26
ऊ एक्केथो मनैयासे पूरा पृथ्वीमे रहुइया सक्कु जातिनहे बनैलाँ। ओइन्के रहना अवधि और सीमा फेन टोकदेलाँ।
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निउतरह्या 17:24
“जोन परमेश्वर, जे संसार और ओम्ने रहल मेरमेरके चिज बनैलाँ, ऊ स्वर्ग और पृथ्वीक प्रभु हुइलक ओहोँरसे हाँथेलेके बनाइल मन्दिरमे नै बैठ्थाँ।
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निउतरह्या 17:31
काकरेकी ऊ एक दिन टोकदेहल बताँ, जोन दिन ऊ अपन नियुक्त कर्लक एकथो मनैयक माध्यमसे धार्मिकतामे संसारके न्याय करहीँ। जिहिहे ऊ ठहरैले बताँ, हुँकिन्हे मुअलमेसे जिवाके ऊ सक्कु मनैनहे यकर सबुत देले बताँ।”
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निउतरह्या 17:29
“तबेकमारे हम्रे परमेश्वरके सन्तान हुइलक ओहोँरसे, परमेश्वर सोन, चाँदी और पठरा हस हो कहिके हम्रे नै सोँचे परत। यी ते मनैनके कला और कल्पनक आकार किल हुइताँ।
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