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आमाल 9:15
उर्दू हमअस्र तरजुमा
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लेकिन ख़ुदावन्द ने हननयाह से फ़रमाया, “जाओ! क्यूंके मैंने इस आदमी को एक हथियार की मानिन्द चुन लिया है ताके इस के वसीले से ग़ैरयहूदी, बादशाहों और बनी इस्राईल में मेरे नाम का इज़हार हो।
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आमाल 9:4-5
वह ज़मीन पर गिर पड़ा और उस ने एक आवाज़ सुनी, “ऐ साऊल, ऐ साऊल, तू मुझे क्यूं सताता है?” साऊल ने पूछा, “ऐ आक़ा, आप कौन हैं?” हुज़ूर ईसा ने जवाब दिया, “मैं ईसा हूं, जिसे तू सताता है
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आमाल 9:17-18
तब हननयाह गया और उस घर में दाख़िल हुआ। उस ने मुझ पर अपने हाथ रखे और कहा, “भाई साऊल, उस ख़ुदावन्द ईसा ने जो तुझ पर यहां रास्ते में ज़ाहिर हुए थे। उन ही ने मुझे यहां भेजा है ताके तू फिर से देखने लगे और पाक रूह से मामूर हो जाये।” उसी वक़्त साऊल की आंखों से छिलके से गिरे, और वह बीना हो गया। तब साऊल ने उठ कर पाक-ग़ुस्ल लिया।
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