काहेकि पबित्र सास्त्र माहीं इआ लिखा हय, कि “जे कोऊ यीसु मसीह के ऊपर बिसुआस करी, उआ कबहूँ लज्जित न होई।” काहेकि यहूदी लोगन माहीं, अउर गैरयहूदी लोगन माहीं कउनव भेदभाव नहिं आय, एसे कि सगले मनइन के प्रभू एकय आहीं, अउर उनखर दया उन सगलेन के खातिर जेतने उनखर नाम लेत हें, उनहीं बड़ी उदारता से असीसित करत ही। “काहेकि जे कोऊ प्रभू के नाम लेई, उआ जरूर मुक्ती पाई।”