इहइमेर से यीसु बिआरी के बाद, अंगूर के रस से भरा खोरबा लिहिन, अउर कहिन, “इआ अंगूर के रस, हमार खून आय, जउन तोंहरे खातिर बहाबा जात हय, इआ खून परमातिमा के नई करार के प्रतीक आय। अउर जब कबहूँ प्रभू-भोज के समय तूँ पंचे अंगूर के रस पिआ, त हमरे यादगारी के खातिर इहइमेर किहा।” अउर हम पवलुस इआ कहित हएन, कि जब-जब तूँ पंचे इआ रोटी खाते हया, अउर अंगूर के रस पीते हया, त जब तक प्रभू दुबारा नहीं आमँय, तब तक उनखे मउत के प्रचार करत रहते हया।