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रोमी 12:2
बाघली सराज़ी बोली दी पबित्र शास्त्र
OSJ
एऊ संसारे मणछा ज़िहै निं हआ, थारै मन्नां बदल़णैं संघै लोल़ी थारअ च़ाल-च़लण इहअ ठीक हुअ ज़िहअ परमेशर च़ाहा। ताकि तम्हैं इहै काम करे ज़ुंण ज़ेता करै परमेशर खुश हअ अर ज़ुंण काम भलै अर सिध्द आसा।
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रोमी 12:1
भाईओ, हुंह करा तम्हां का परमेशरै झींण आद फरेऊई करै अरज़ कि परमेशरा सम्हनै करा आपणीं ज़िन्दगी ज़िऊंदै बल़ीदाना ज़िहअ पबित्र बल़ीदान अर ज़ुंण परमेशरा बधिया लागा। अह ई आसा तेऊए च़ाकरी करने असली बात।
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रोमी 12:12
ज़ुंण तम्हां आशा आसा तेता लै रहा खुश अर खरी दी कर सबर अर प्राथणां दी रहा हर बगत लागी।
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रोमी 12:21
बूराई करी निं ज़िती, पर भलाई करी पाआ बूराई दी ज़ीत।
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रोमी 12:10
एकी-दुजै संघै डाहा एही झ़ूरी कि तम्हैं आसा आप्पू मांझ़ै एक टबर, आप्पू मांझ़ै अदर करना लै रहा एकी-दुजै लै आजू।
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6
रोमी 12:9
लोगा लै झ़ूरी करना लै निं लोल़ी मन्नैं कपट हुअ, बूराई का करै नफरत अर भलाई दी रहा लागी।
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7
रोमी 12:18
ज़िधी तैणीं हई सका तम्हैं करै सोभी लोगा संघै मेल़-ज़ोल़ डाहणें कोशिश।
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रोमी 12:19
मेरै पैरै भाईओ, आपणअ बदल़अ निं लई, परमेशरा दैआ थारअ बदल़अ आप्पै लणैं। किल्हैकि पबित्र शास्त्रा दी बोला प्रभू इहअ, “बदल़अ लणअ आसा मेरअ काम, परमेशर बोला इहअ, ‘मुंह लणअ बदल़अ आप्पै।’”
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रोमी 12:11
नज़ाहणै निं हणअ काम-काज़ रहणअ करदै लागी, तत्त-दिला का रहा प्रभूए च़ाकरी करदै लागी।
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रोमी 12:3
किल्हैकि मुंह परमेशरा का ज़ुंण जश आसा भेटअ द, हुंह बोला तेता पिछ़ू तम्हां सोभी लै इहअ कि ज़िहअ समझ़अ लोल़ी तेता का ज़ादै निं तम्हैं आप्पू समझ़ी। पर ज़िहअ परमेशर थारै विश्वासे साबै बांडी आसा दैनअ द तम्हैं समझ़ा आप्पू तेते साबै।
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रोमी 12:17
बूराईए बदल़ै निं कोही संघै बूराई करा, तिन्नां गल्ले फिकर करा ज़ुंण गल्ला सोभी लोगा लै भली आसा।
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रोमी 12:16
ज़िहअ भलअ तम्हैं आप्पू लै सोठा तिहअ सोठणअ दुजै लै बी, घमंडी निं हणअ पर गरीब आम लोगे संगती दी रहणअ अर आप्पू लै निं इहअ समझ़णअ कि हुंह आसा होरी का खास्सअ समझ़कार।
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रोमी 12:20
पर पबित्र शास्त्र बोला इहअ, “ज़ै तेरअ दुशमण भुखअ होए, तेऊ का लऐ रोटी खैऊई, ज़ै सह नचिशअ होए, तेऊ लै दै झुटणा लै पाणीं। किल्हैकि तेरै एऊ कामां करनै करै हणअ सह आप्पै इहअ शर्मिंदअ ज़िहअ कि तेऊए मुंडै लाअ ज़ल़दै कोयलेओ रूल़।”
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रोमी 12:14-15
ज़ुंण तम्हां लै दुख दैआ तिन्नां लै बी दैआ बर्गत, फिटक निं दैणअ बर्गत दैणीं। नंद करनै आल़ै संघै करा नंद अर लेरनै आल़ै संघै लाआ लेरा।
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15
रोमी 12:13
पबित्र लोगा ज़ेही ज़रुरत होए तेता लै करनी तिन्नें मज़त, अर प्राहुंणच़ारी रहा करदै लागी।
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रोमी 12:4-5
किल्हैकि ज़ेही म्हारी ऐहा एकी देही दी कई आंग आसा, ईंयां निं सोभै एकी रंगो काम करदै। तिहअ ई हाम्हैं बी ज़ुंण मसीहा दी विश्वासी आसा, हाम्हैं बी हआ तेऊए देही ज़िहै, अर हाम्हैं आसा तेते आंग अर हाम्हैं आसा एकी-दुजै संघै साझ़ू।
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