तेखअ बोलअ मंऐं तेऊ स्वर्ग दूता सेटा डेऊई, “ऐहा होछ़ी जंतरी दै मुल्है।” तेऊ दैनअ मुल्है ज़बाब, “निंऊं अर ऐहा खा। तेरी खाखा लागणीं मखीरा का ज़ादी मिठी, पर तेरअ पेट हणअ थोल़ी घल़ी बाद कल़ुअ।”
तेखअ ढाकी मंऐं सह होछ़ी जंतरी स्वर्ग दूते हाथा का संघा खाई। सह कताब मेरी खाखा मखीरा ज़ेही मिठी ता ज़ाण्हुंई पर ज़ांऊं मेरै पेटै डेऊई, मेरअ पेट हुअ कल़ुअ।