1
भज़न 96:4
बाघली सराज़ी बोली दी पबित्र शास्त्र
OSJ
बिधाता आसा इहअ महान कि तेऊए स्तोती लागा करनी ई। सह आसा परमेशर एक्कै अर हाम्हां लागा तेऊए ई डरा हेठै रहणअ।
Compare
Explore भज़न 96:4
2
भज़न 96:2
बिधाता लै बोला गिह अर तेऊए करा ज़ै-ज़ैकार, तेऊ हेरै हाम्हैं बच़ाऊई, एऊ खुशीए समादा खोज़ा धैल़ सोभी का।
Explore भज़न 96:2
3
भज़न 96:1
बिधाता लै गांठा एक नऊंईं गिह, संसारे सोभै लोग बोला तेऊए गिह!
Explore भज़न 96:1
4
भज़न 96:3
होरी देशा का बी खोज़ा ऐहा गल्ला कि बिधातो प्रतप्प किहअ आसा अर इहअ कि तेऊए काम किहै महान आसा।
Explore भज़न 96:3
5
भज़न 96:9
ज़ेभै सह पबित्र प्रगट होए तेऊ महान अर पबित्र बिधाता सेटा टेक्का माथअ, तेऊए डरै लोल़ी पृथूई दी सोभै झ़ील़ै-काम्बै।
Explore भज़न 96:9