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भज़न 8:4
बाघली सराज़ी बोली दी पबित्र शास्त्र
OSJ
तै सोठा हुंह इहअ कि हाम्हैं मणछ किज़ै आसा कि ताह लागा म्हारै बारै सोठणअ? हाम्हां मणछा बाखा किज़ू दैणअ ताह धैन?
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भज़न 8:3
हुंह लागा तेरै हाथै बणाऐं दै सरगा भाल़अ अर ज़ोथ अर तारै ज़ुंण तंऐं तेथ टकैल़ी आसा डाहै दै
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भज़न 8:5-6
तंऐं बणाअं मणछ आप्पू का धख ई होछ़अ, तंऐं दैनअ तेऊ लै इज़त अर अदरो मुगट। ज़ुंण आपणैं हाथै तंऐं संसार बणाअं, तंऐं बणाऐं तेते सैणैं मणछ ई, अर सोभी ज़ीबा प्रैंदै राज़ दैनअ तंऐं तिन्नां ई लै।
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भज़न 8:9
बिधाता, तेरअ महान काम शुझिआ पृथूई दी सारै इना सोभी गल्ला दी।
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भज़न 8:1
हे मेरै मालक, म्हारै बिधाता, तेरअ महान नाओं प्रतप्प पुजअ सारै संसारै! अर स्वर्गै भाल़ी सोभी तेरी ठाहठ।
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