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भज़न 55:22
बाघली सराज़ी बोली दी पबित्र शास्त्र
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हे बिधाता, हाम्हैं आसा तेरै, हाम्हैं खोज़ा आपणीं खरी ताखा अर तूह निं धर्मीं मणछा हारनै दैंदअ।
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भज़न 55:17
दोत्ती, दपहरै अर राची जाआ मेरी लेर-पकार ताह सेटा पुजी अर तूह हेरा मेरी गल्ला शूणीं।
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भज़न 55:23
पर हे परमेशर, तिंयां हत्या करनै आल़ै अर कदुष्ट पाणै ताह डुघी खात्ती दी, तिंयां निं आधी अमरा बी ज़िऊंणै पर मुंह डाहणअ ताह ई दी भरोस्सअ।
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भज़न 55:16
हे बिधाता, मुंह पाणीं मज़ती लै ताह सेटा लेर-पकार, हुंह हेरनअ ताह बच़ाऊई।
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भज़न 55:18
मेरै दुशमणै गोटअ हुंह फेरा-फेर ताह हेरनअ हुंह तेऊ झ़गल़ै का राज्ज़ी-राम्बल़अ बापस पजैल़ी, ज़ुंण मेरै दुशमणै मुंह संघै आसा छ़ेल़अ द।
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भज़न 55:1
हे परमेशर, मेरी अरज़ शुण, मेरी लेर-पकारा भाल़ी निं मुंह बाखा आपणीं पिठ फरेऊई।
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