1
भज़न 133:1
बाघली सराज़ी बोली दी पबित्र शास्त्र
OSJ
सह भाल़ केही शोभली अर भली गल्ल आसा कि बिधाते परज़ा रहा आप्पू मांझ़ै मिल़ी-ज़ुल़ी करै।
Compare
Explore भज़न 133:1