1
लेबी बधान 10:1
बाघली सराज़ी बोली दी पबित्र शास्त्र
OSJ
हारणे शोहरू मांझ़ै थिऐ दूई शोहरू नादाब अर अबीहू, तिन्नैं च़कै आपणैं-आपणैं धनैरै संघा पाऐ तेथ ज़ल़दै नार अर तेथ प्रैंदै पाअ धूप, संघा किअ सह बिधाता लै अर्पण। पर सह आग नांईं ती शुची आथी, इहअ करना लै थिई बिधाता नांह किई दी।
Compare
Explore लेबी बधान 10:1
2
लेबी बधान 10:3
तेखअ बोलअ मोसा हारणा लै, “अह हुई सह ई गल्ल ज़ुंण बिधाता बोली ती, ‘हुंह च़ाहा इहअ कि मुंह नेल़ एछणैं आल़ै प्रोहत मुंह पबित्र मनी अदर करे मुंह करनअ आपणअ धुप्पअ मेरी आपणीं परज़ा लै प्रगट।’”
Explore लेबी बधान 10:3
3
लेबी बधान 10:2
हेरा-हेरी छ़ाडै बिधाता तिधी तिन्नां लै ज़ल़दी आगीए लुपल़ै अर तिंयां हुऐ तिधी बिधाता सम्हनै आगी करै दझ़ी खतम।
Explore लेबी बधान 10:2