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मूल़ 45:5
बाघली सराज़ी बोली दी पबित्र शास्त्र
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तम्हैं निं फिकर करा अर नां एते कशूरबार आप्पू समझ़ी। बिधाता छ़ाडअ हुंह तम्हां बच़ाऊंणा लै तम्हां आजू।
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मूल़ 45:8
“एऊ साबै निं तम्हैं हुंह इधी पजैल़अ पर मुंह इधी पजैल़णैं आल़अ आसा बिधाता। तेऊ बणाअं हुंह मिसर देशै मिसर देशे माहा राज़ैओ माहा मंत्री संघा बणाअं हुंह सारै मिसर देशो मालक।
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मूल़ 45:7
पर बिधाता छ़ाडअ हुंह तम्हां आजू कि थारी आद-लुआद ज़िऊंदी रहे अर इहअ करै तम्हैं बच़े।
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मूल़ 45:4
तेखअ शादै युसुफै तिंयां सोभै आप्पू नेल़ ज़िहै। ज़ांऊं तिंयां नेल़ आऐ, युसुफै बोलअ तिन्नां लै, हाँ, हुंह आसा युसुफ ज़ुंण तम्हैं मिसर देशा लै एछणैं आल़ै इशमाईली का बेच़ी पाअ त।
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मूल़ 45:6
“देशै नकाल़ पल़ी गई दूई साला हई, आजू रहणअ पांज़ा साला होर, तेभै तैणीं निं साल-फसल हणीं।
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मूल़ 45:3
युसुफ लागअ आपणैं तिन्नां भाई का बोल्दअ, “मेरअ बाब अज़ी बी ज़िऊंदअ आसा?” तिंयां हुऐ नड़क्क, अर तिन्नां छ़ुटी डरै काम्मणीं।
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