ज़ांऊं मेल़-ज़ोल़ो खिम्भ खल़अ करी तेतो सारअ काम हई मुक्कअ, हेरा-हेरी घोर्हुऐ तेथ प्रैंदै घणैं बादल़ अर पबित्र खिम्भा का लागअ बिधाता का धुप्पै ज़िहअ झ़ामण। बादल़ रहअ मेल़-ज़ोल़े खिम्भा प्रैंदै घोर्हुई अर खिम्भा का लागअ इहअ धुप्पै ज़िहअ झ़ामण अर बिज़ल़ीए च़पराल़ै कि मोसा निं खिम्भा भितरा लै डेऊई सकअ।