पर ज़ै तूह आप्पू हाम्हां संघै होए, तै लागणअ सोभी का थोघ कि तूह आसा मुल्है अर आपणीं सारी परज़ा लै खुश। इहअ करै हणैं हाम्हैं पृथूईए होरी लोगा का खास।”
बिधाता बोलअ मोसा लै, “ज़ेही तंऐं अरज़ किई हुंह करूं तिहअ ई, किल्हैकि हुंह आसा तेरअ साथी अर ताल्है आसा हुंह खुश।”