ज़ांऊं राज़ै मनिश्शे लै अह खरी पल़ी, तेखअ फिरी तेऊ आपणैं दादा-बाबे परमेशर बिधाते आद संघा मांगी बिधाता का माफी कि हे बिधाता, ऐबै कर मेरी मज़त तूह ई। बिधाता शूणीं मनिश्शे अरज़ संघा पजैल़अ सह एरुशलेम बापस कि सह यहूदा मुल्खै राज़ करे। तेखअ हुअ मनिश्शे निहंचअ कि बिधाता ई आसा परमेशर।