हुंह च़ाहा इहअ कि हर ज़ैगा लोल़ी मर्धे हाथ प्राथणां करना लै परमेशरा बाखा लै तेऊ साबै उझ़ुऐ ज़ेता हाम्हैं सोभै मना। विश्वासीए प्राथणां निं लोल़ी रोश्शा रहैऊंणा लै या हठल़णैं लै हुई।
तिहअ ई, बेटल़ी बी करै लाज़-शरम डाही भलै कामों हार शंगार करनअ इहअ शंगार ज़ुंण परमेशरे लोगा शोभा दैआ, नां कि कई रंगे गुछ़टी बाली करै अर सुन्नैं-च़ंदी, मोती, अर किम्मती झिकल़ै करै। पर तिन्नां लागा होरी लोगा लै भलै काम करनै सह आसा तिन्नों शंगार अर असली शोभा।