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1 राज़ै 22:22
बाघली सराज़ी बोली दी पबित्र शास्त्र
OSJ
तैहा आत्मां दैनअ ज़बाब, ‘मुंह डेऊणअ अहाब राज़े सोभी गूरा दी संघा बझ़ैल़णअ मुंह झ़ुठअ बोल़णैं।’ बिधाता बोलअ, ‘तै जाणीं तूह अहाब राज़ै ठगणा लै सफल हई, डेऊ ज़िहअ तूह सोठा तिहअ कर।’”
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1 राज़ै 22:23
खिरी बोलअ मिका इहअ, “अहाब, असली दी हुअ ताल्है इहअ। बिधाता दैनअ हणैं कि बाल देअए तेरै ईंयां गूर ताल्है झ़ुठअ खोज़े। बिधाता आसा हेरै असली दी तेरै बारै इहअ खोज़अ द कि तूह हणअ पठी बरैबाद!”
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1 राज़ै 22:21
खिरी आई एक आत्मां संघा खल़्हुई बिधाता सेटा। तैहा आत्मां बोलअ इहअ, ‘सह डाहणअ मुंह ठगी।’ बिधाता पुछ़अ तैहा आत्मां का, ‘ताह किहअ करै ठगणअ सह?’
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1 राज़ै 22:20
बिधाता पुछ़अ, ‘अहाब राज़अ कहा डाहणअ ठगी कि सह गलाद मुल्खे रामोत नगरी अरामी संघै जुध छ़ेल़े अर तिधी सह मारी पाणअ?’ तिधी दैनी स्वर्ग दूतै आपणैं-आपणैं साबै कई सलाह।
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1 राज़ै 22:7
पर जहोशापातै पुछ़अ, “इधी बिधातो कुंण होर गूर बी किनी आसा ताकि तेऊ पुछ़ी हाम्हां ऐहा गल्ला लै निहंचअ होए?”
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