कितना धन्य सै वो माणस जो बुद्धि पावै, अर वो माणस जो समझ नै पावै,
जो फायदा बुद्धि तै मिलै सै, वो चाँदी कै मिलण तै बड़ा,
अर उसका फायदा शुद्ध सोन्ने कै फायदा तै भी घणा सै।
वो बेसकिमती रतनां तै भी घणा कीमती सै,
अर जितनी चिज्जां की तू लालसा करै सै, उन म्ह तै कोए भी उसकै जिसी न्ही होगी।