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नीतिवचन 22:6
हरियाणवी भाषा म्ह पवित्र शास्त्र
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बाळक नै उसे राह की शिक्षा देओ जिस म्ह उसनै चालणा चाहिए, अर वो बुढ़ापे म्ह भी उसतै न्ही मुड़ैगा।
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नीतिवचन 22:4
नम्रता अर यहोवा का भय मानण का फळ धन, आदर अर जीवन होवै सै।
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नीतिवचन 22:1
घणे धन तै आच्छा नाम चाह्ण कै लायक सै, अर सोन्ने-चाँदी तै दुसरे माणसां के जरिये पक्ष पाणा आच्छा सै।
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नीतिवचन 22:24
गुसेल माणस की यारी ना करिये, अर तावळा गुस्सा होण आळे कै गैल ना चालिये
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नीतिवचन 22:9
दया करण आळे पै आशीष फळै सै, क्यूँके वो कंगाल नै अपणी रोट्टी म्ह तै देवै सै।
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नीतिवचन 22:3
चतुर माणस, बिप्दा नै आन्दे देखकै लुह्क जा सै; पर भोळे माणस आग्गै बढ़कै सजा भुगतै सै।
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नीतिवचन 22:7
धनवान गरीब पै राज करै सै, अर उधार लेण आळा उधार देण आळे का दास हो सै।
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नीतिवचन 22:2
धनी अर कंगाल दोनुआं म्ह एक समानता सै; यहोवा उन दोनुआं का बणाण आळा सै।
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नीतिवचन 22:22-23
कंगाल पै इस खात्तर अंधेर ना करिये, के वो कंगाल सै, अर ना गरीब माणस नै कच्हेरी मै पिसीये; क्यूँके यहोवा उसका मुकद्दमा लड़ैगा, अर जो लोग उसका धन खोस ले सै, उनकी जान भी वो खोस लेगा।
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