जब तेमानी एलीपज, अर शूही बिल्दद, अर नामाती सोपर, अय्यूब के इन तीन दोस्तां नै इन सारी मुसिबत्तां की खबर लाग्गी जो उसपै पड़ी थी, फेर वो आप्पस म्ह यो ठाण कै के हम अय्यूब कै धोरै जाकै उसके गैल दुख मनावांगे, अर उस ताहीं शान्ति देवांगे, अपणे-अपणे उरै तै उसकै धोरै चाल्ले। फेर उननै दूर तै आँख ठाकै अय्यूब की ओड़ देख्या अर उस ताहीं पिछाण न्ही सके, फेर रुक्का मारकै रो पड़े; अर दुख म्ह अपणे-अपणे चोळे पाड़े, अर अकास की ओड़ धूळ उड़ा कै अपणे-अपणे सिर पै गेरी। फेर वो सात दिन अर सात रात उसकै गैल धरती पै बैठ्ठे रहे, पर उसका दुख भोत घणा बड़ा जाणकै किसे नै उसतै एक भी बात न्ही कही।