पितरां के घरान्यां के किमे खास-खास माणसां नै जिब यहोवा के भवन नै जो यरुशलेम म्ह सै, आए, फेर परमेसवर के भवन ताहीं उसे की जगहां पै खड़या करण खात्तर अपणी-अपणी इच्छा तै किमे दिया। उननै अपणी-अपणी पूँजी कै मुताबिक इकसठ हजार दर्कमोन सोन्ना अर पाँच हजार माने चाँदी अर याजकां कै लायक एक सौ अंगरखे अपणी-अपणी इच्छा तै उस काम के खजान्ने म्ह दे दिए।