“तू अपणे खात्तर कोए मूर्ति खोदकै ना बणाईये, ना किसे की प्रतिमा बणाईये, जो अकास म्ह, या धरती पै, या धरती कै पाणी म्ह सै। तू उननै दण्डवत ना करिये, अर ना उनकी उपासना करिये; क्यूँके मै तेरा परमेसवर यहोवा जळण राक्खण आळां परमेसवर सूं, अर जो मेरै तै बैर राक्खै सैं, उनके बेट्याँ, पोत्यां, अर पड़पोत्यां नै भी पितरां की सजा दिया करया करुँ सूं