अर जिस-जिस प्रान्त, अर जिस-जिस नगर म्ह, जित्त किते राजा के हुकम अर नियम पोहचे, ओड़ै-ओड़ै यहूदियाँ नै आनन्द अर खुशी होई, अर उननै भोज करकै उस दिन ताहीं खुशी का दिन मान्या। अर उस देश के माणसां म्ह तै घणे माणस यहूदी बणगे, क्यूँके उनकै मन म्ह यहूदियाँ का डर समा ग्या था।