1
सभोपदेशक 8:15
हरियाणवी भाषा म्ह पवित्र शास्त्र
BGC
फेर मन्नै खुशी ताहीं सराहया, क्यूँके सूरज कै नीच्चै माणसां कै खात्तर खाण-पीण अर खुशी मनाण नै छोड़ और किमे भी आच्छा कोनी, क्यूँके योए उसकी जिन्दगी भर जो परमेसवर नै उसकै खात्तर सूरज कै नीच्चै ठहराया, उसकी मेहनत म्ह उसकै गैल बण्या रहवैगा।
Compare
Explore सभोपदेशक 8:15
2
सभोपदेशक 8:12
चाहे पापी सौ बार पाप करै अपणे दिन भी बढ़ावै, तोभी मन्नै यकिन सै के जो परमेसवर तै डरै सै अर उस ताहीं स्याम्ही जाणकै भय तै चाल्लै सै, उनका भलाए होवैगा
Explore सभोपदेशक 8:12
3
सभोपदेशक 8:6
क्यूँके हर एक बात का बखत अर नियम होवै सै, फेर भी माणस का दुख उसकै खात्तर भोत घणा भारी होवै सै।
Explore सभोपदेशक 8:6
4
सभोपदेशक 8:8
इसा कोए माणस न्ही जिसका वश प्राण पै चाल्ले के वो उस ताहीं लिकड़दे बखत रोक ले, अर ना कोए मौत के दिन पै अधिकारी होया सै; अर ना उस ताहीं लड़ाई तै छुट्टी मिल सकै सै, अर ना दुष्ट माणस अपणी दुष्टता कै कारण बच सकै सै।
Explore सभोपदेशक 8:8
5
सभोपदेशक 8:11
बुरे काम की सजा का हुकम जल्दबाजी म्ह न्ही दिया जान्दा; इस कारण माणसां का मन बुरा काम करण की इच्छा तै भरया रहवै सै।
Explore सभोपदेशक 8:11
6
सभोपदेशक 8:14
एक बेकार बात धरती पै होवै सै, यानी इस तरियां के धर्मी सै जिनकी वो हालत होवै सै जो दुष्टां की होणी चाहिये, अर इस तरियां के दुष्ट सै जिनकी इसी दशा होवै सै जो धर्मियाँ की होणी चाहिये। मन्नै कह्या के यो भी बेकार ए सै।
Explore सभोपदेशक 8:14
7
सभोपदेशक 8:7
वो न्ही जाणदा के होण आळा सै, अर कद होवैगा? यो उसनै कौण बता सकै सै?
Explore सभोपदेशक 8:7