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व्यवस्थाविवरण 28:1
हरियाणवी भाषा म्ह पवित्र शास्त्र
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जै तू अपणे परमेसवर यहोवा के सारे हुकम, जो मै आज तेरै ताहीं सुणाऊँ सूं, चौकसी तै पूरी करण नै ध्यान लाकै उसकी सुणै, तो वो तन्नै धरती की सारी जात्तां म्ह सबतै बढ़कै बणावैगा।
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व्यवस्थाविवरण 28:2
फेर अपणे परमेसवर यहोवा की सुणण कै कारण ये सारे आशीर्वाद तेरै पै पूरे होवैगें।
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व्यवस्थाविवरण 28:13
अर यहोवा तन्नै पूँछ न्ही, बल्के सिर ए ठहरावैगा, अर तू तळै न्ही, पर उप्पर ए रहवैगा; जै परमेसवर यहोवा के हुकम जो मै आज तन्नै सुणाऊँ सूं, तू उनकै मानण म्ह मन लाकै चौकसी करै
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व्यवस्थाविवरण 28:12
यहोवा तेरै खात्तर अपणे आकाशरुप्पी उत्तम भण्डार ताहीं खोल कै तेरी धरती पै बखत पै मिह बरसाया करैगा, अर तेरे सारे काम्मां पै आशीष देवैगा; अर तू भोत सी जात्तां ताहीं उधार देवैगा, पर किसे तै तन्नै उधार लेणा न्ही पड़ैगा।
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व्यवस्थाविवरण 28:7
यहोवा इसा करैगा के तेरे बैरी जो तेरै पै चढ़ाई करैगें वे तेरै तै हार जावैंगे; वे एक राह तै तेरै पै चढ़ाई करैंगे, पर तेरै स्याम्ही तै सात राह तै होकै भाज जावैंगे।
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व्यवस्थाविवरण 28:8
तेरै खत्यां पै अर जितने काम्मां म्ह तू हाथ लगावैगा उन सारया पै यहोवा आशीष देवैगा; इस करकै जो देश तेरा परमेसवर यहोवा तन्नै देवै सै उस म्ह वो तन्नै आशीष देवैगा।
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व्यवस्थाविवरण 28:6
धन्य हो तू भित्तर आन्दे बखत, अर धन्य हो तू बाहर जान्दे बखत।
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व्यवस्थाविवरण 28:3
धन्य हो तू नगर म्ह, धन्य हो तू खेत म्ह।
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व्यवस्थाविवरण 28:4
धन्य हो तेरी सन्तान, अर तेरी धरती की उपज, अर गां अर भेड़-बकरी आदि पशुआं कै बच्चे।
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व्यवस्थाविवरण 28:9
जै तू अपणे परमेसवर यहोवा के हुकमां नै मान्दे होए उसकै रास्तयां पै चाल्लै, तो वो अपणी कसम कै मुताबिक तेरे ताहीं अपणी पवित्र प्रजा करकै स्थिर राक्खैगा।
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व्यवस्थाविवरण 28:5
धन्य हो तेरी टोकरी अर तेरा आटा गूंँधण का बरतन।
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व्यवस्थाविवरण 28:11
अर जिस देश कै बारै म्ह यहोवा नै तेरै पूर्वजां तै कसम खाकै तन्नै देण खात्तर कह्या था, उस म्ह वो तेरी सन्तान की, अर धरती की उपज की, अर डांगरां की बढ़दी करकै तेरी भलाई करैगा।
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व्यवस्थाविवरण 28:10
अर धरती के देश-देश के सारे माणस या देखकै, के तू यहोवा का कुह्वावै सै, तेरै तै डर ज्यागें।
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व्यवस्थाविवरण 28:14
अर जिन वचनां का मै आज तन्नै हुकम दियुँ सूं उन म्ह तै किसे तै दाएँ या बाएँ मुड़कै पराए देवत्यां कै पाच्छै ना होइये, अर ना उनकी सेवा करिये।
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व्यवस्थाविवरण 28:15
“पर जै तू अपणे परमेसवर यहोवा की बात ना सुणै, अर उसके सारे हुकम अर नियमां का पालन करण म्ह जो मै आज सुणाऊँ सूं चौकसी न्ही करैगा, तो ये सारे श्राप तेरै पै आण पड़ैगें।
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