जिब शाऊल हाथ म्ह भाला लिए होए घर म्ह बैठ्या था; अर दाऊद हाथ तै वीणा बजाण लागरया था, फेर यहोवा की और तै एक दुष्ट आत्मा शाऊल पै चढ़या। शाऊल नै चाह्या, के दाऊद ताहीं इसा मारै के भाला उसनै चीरदे होए दीवार म्ह धस जावै; पर दाऊद शाऊल के स्याम्ही तै इसा हट ग्या के भाला जाकै दीवार ए म्ह धस ग्या। अर दाऊद भाज ग्या, अर उस रात बच ग्या।