अर उसनै या मन्नत माँग्गी, “हे सेनाओं के यहोवा, जै तू अपणी दास्सी के दुःख पै सचमुच निगांह करै, अर मेरी सुधि ले, अर अपणी दास्सी नै भूल ना जावै, अर अपणी दास्सी ताहीं बेट्टा दे, तो मै उस ताहीं उसके जीवन भर खात्तर यहोवा नै अर्पण करुँगी, अर उसके सिर पै छुरा फिरण ना पावैगा।”