आखरी म्ह मै कहणा चाहूँ सूं, के थम एक मन हो जाओ, एक-दुसरे तै भाई-भाण की तरियां प्यार करो, एक-दुसरे के बाबत दयालु रहो, अर नरम बणो। बुराई कै बदले बुराई ना करो अर ना गाळी कै बदले गाळी द्यो, पर इसकै उल्ट आशीष ए द्यो, क्यूँके परमेसवर नै थारे ताहीं इस खात्तर बणाया सै, के थम दुसरयां कै खात्तर आशीष बण सको, जै थम इसा करोगे, तो परमेसवर थारे ताहीं भी आशीष देवैगा।