हरेक खिलाड़ी जो प्रतियोगिता म्ह भाग लेवै सै, कठोर संयम का पालन करै सै। वे तो एक (नाशवान) नाश होण आळे मुकुट नै पाण कै मकसद तै यो सब करै सै, पर हम यो सब कुछ (अविनाशी) नाश ना होण आळे मुकुट नै पाण खात्तर करां सां। इस करकै जिसा दौड़ण आळा अपणे मकसद कै गैल दौड़ै सै, अर जिस तरियां मुक्केबाज अपणे मुक्कयां नै अपणे अधीन राक्खै सै, उस्से तरियां मै भी अपणी मसीह जिन्दगी नै एक मकसद कै गैल जीण लागरया सूं।