फरी किताव लरैं दाज़्याव मिँए ओधालए ला म़ुइलाई सोतोइज़्याव, हिताव ज़ जे ब परमेस्वरलाई जेयुँ उहुप्किन सैतानए ल्योनिकाव हुज़्याव पाँर सोतोइधुन्या जेले। फरी किताव नो मिँए ओङ़ै जोगोइन्याए जूँनी झँए तुपी जासिद बाज़्या, हिताव ज़ जे ब ‘परमेस्वरए जोगोइद अजम्बरी जुनील ज़ सकेस्नावा’ लिद जेयुँ सुहुप्द ल्यो ताके। फरी किताव नो मिँ तरवालीस बाज़्या, हिताव ज़ जे ब छैंव पुरूसए ओयासिज़्याव तरवाली रैव ताके। नो तरवाली परमेस्वरए ओपाँ ज़।