जब तुम उपास करौ, तो कपटियन घांई तुमाए मों पे उदासी नईं दिखै, कायसे बे अपनो मों बनाए रहत आंय, जीसे मान्स उन हां उपासो जानें; मैं तुम से सांची कहत आंव, कि बे अपनो फल पा चुके। पर तें जब उपासो रए तो अपने मूंड में तेल लगाईयो और मों धोईये। जीसे तें मान्सन हां उपासो न दिखे, बरन अपने बाप हां जौन गुप्त में आय; और तोरो बाप जौन गुप्त में हेरत आय, तोय फल दै है।